Wednesday, October 27, 2021
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Ashwagandha Benefits in Hindi? अश्वगंधा के सबसे बड़े नुकसान और फायदे

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नमस्कार मित्रो आज हम Ashwagandha Benefits in Hindi और अश्वगंधा क्या होता है इसका उपयोग कब और किस तरह से करना चाहिए व इससे क्या क्या फायदे और नुकसान आदि क्या क्या होते है इसके बारे में बता रहे है जिससे की आपको अश्वगंधा  से जुडी पूरी जानकारी इस आर्टिकल में प्राप्त हो सके व अश्वगंधा से जुडी जानकारी के लिए आप हमारा पूरा आर्टिकल ध्यान से पढ़े.

Ashwagandha Benefits in Hindi

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अक्सर आप सभी ने कई बार अश्वगंधा के बारे में पढ़ा या सुना होगा पर कई लोगो को इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं होती पर अगर आप किसी को अश्वगंधा का इस्तमाल करने की सलाह देते है या खुद अश्वगंधा का इस्तमाल करना चाहते है तो इससे पहले आपको इसके फायदे और नुक्सान आदि के बारे में पूरी जानकारी पता होना जरुरी है व  Ashwagandha Benefits in Hindi में हम आपको इसी से जुडी जानकारी बताने वाले है जो की आपके लिए बेहद ही उपयोगी साबित होने वाली है.

Ashwagandha Benefits in Hindi

अश्वगंधा के फायदे और नुकसान आदि क्या क्या होते है इनके बारे में बताने से पहले हम आपको अश्वगंधा क्या होता है इसके बारे में बता रहे है अश्वगंधा कई अलग अलग देशो में अलग अलग प्रकार की पायी जाती है और इसकी पहचान करने का सबसे आसान तरीका यही होता है की इस पौधे को मसलने पर इसमें से घोड़े के पेशाब की गंध आने लगती है जिसके कारण इसे अश्वगंधा के नाम से जाना जाता है.

अश्वगंधा की जड़ो में गंध बहुत ही तेज होती है जिसके कारण इस पौधे को आसानी से ढूंढा जा सकता है व अश्वगंधा की सबसे बड़ी खासियत यह होती है की जो वन अथवा जंगल में अश्वगंधा पायी जाती है उसकी तुलना में खेती कर के उगाई जाने वाली अश्वगंधा गुणवत्ता में बहुत ही ज्यादा बेहतरीन होती है वही वन में जो अश्वगंधा पायी जाती है वह तेल निकलने के लिए अधिक बेहतर मानी जाती है व अश्वगंधा मुख्यत दो प्रकार की होती है.

  • छोटी अश्वगंधा – इस अश्वगंधा का पौधा छोटा होने के कारण इसे छोटी अश्वगंधा कहा जाता है व इसकी जड़े बड़ी होती है व यह राजस्थान में मुख्यत नागौर जिले में पाया जाता है क्युकी वहां की जलवायु के कारण यह विशेष रूप से प्रभावशाली होती है व नागौर में पाए जाने वाले अश्वगंधा को नागौरी अश्वगंधा भी कहा जाता है.
  • बड़ी अश्वगंधा – इसका पौधा आकार में बड़ा होने के कारण इसे बड़ी अश्वगंधा  कहा जाता है व यह खेतो में व पहाड़ी स्थानों पर एवं बाग़ बगीचों आदि में मुख्य रूप से पायी जाती है व इसकी जड़े पतली और छोटी होती है इसकी गंध घोड़े के पेंशन के जैसी होती है जिसके कारण इसे अश्वगंधा के नाम से जाना जाता है.

अश्वगंधा के फायदे

अश्वगंधा के कई तरह के अलग अलग फायदे होते है व कई प्रकार की बिमारी या समस्या में आप इसका इस्तमाल कर सकते है अश्वगंधा के जितने फायदे बताये जाए उतना कम है व आयुर्वेद में भी इसकी बेहद ही ज्यादा व्याख्या की गयी है पर इसका इस्तमाल हमेशा किसी जानकार की सलाह से करना चाहिए क्युकी बिना पर्याप्त जानकारी के इसका इस्तमाल करने से शारीरिक अवस्था ख़राब होने की भी संभावना काफी अधिक रहती है.

सफ़ेद बालो से छूटकारा पाने के लिए

अगर किसी को सफ़ेद बालो से जुडी समस्या है तो ऐसे में अश्वगंधा उसके लिए काफी फ़ायदेमदं हो सकती है इसके लिए आपको 2 से 4 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करना चाहिए व इससे समय से पहले आने वाले सफ़ेद बालो की समस्या ठीक हो जाती है और आपके बाल काले घने होने लगेंगे.

आखो की रौशनी बढ़ाने के लिए

अश्वगंधा आखो की रौशनी बढ़ाने के लिए भी बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है व इसके लिए आपको 2 ग्राम अश्वगंधा व 2 ग्राम आवला व 1 ग्राम मुलेठी को एकसाथ मिलाकर अच्छे से पीस लेना है व इसके बाद आप इसका चूर्ण बना ले और इसका दिन में दो बार सुबह व शाम को सेवन करे इससे आपकी आखो की रौशनी तेजी से बढ़ने लगती है और आखो का दर्द और आखो में जलन आदि की समस्या भी दूर होती है.

गले से सम्बंधित रोगो में अश्वगंधा के फायदे

गले से सम्बंधित रोगो में भी अश्वगंधा बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है व इसके लिए आपको अश्वगंधा के पाउडर और उसके बराबर मात्रा में पुराना गुड़ लेना है इसके बाद दोनों को मिलकर 1 या 2 ग्राम की वटी बना लेनी है व उन वटी का सेवन आपको सुबह उठकर बासी जल के साथ करना है व आप अश्वगंधा के पत्तो का पेस्ट बनाकर गले पर उसका लेप कर सकते है इससे भी आपको गले से सम्बंधित रोगो में लाभ होगा.

टीबी के रोग में अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी व्यक्ति को टीबी से सम्बंधित समस्या है तो उनके लिए भी अश्वगंधा बहुत ही फायदेमंद होता है व टीबी के रोगी को अश्वगंधा चूर्ण को 2 ग्राम लेकर उसे अश्वगंधा के ही 20 मिलीग्राम काढ़े में मिलकर सेवन करें व इसके साथ ही आप 2 ग्राम अश्वगंधा की जड़ का चूर्ण बनाकर उसमे 1 ग्राम बड़ी पीपल का चूर्ण मिलाये व 5 ग्राम घी और 5 ग्राम शहद मिला ले और इसके बाद आप इसका सेवन करें यह टीबी के रोगी के लिए काफी फ़ायदेमदं होता है.

खांसी के इलाज अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी को खांसी से जुडी समस्या है तो उन्हें अश्वगंधा की 10 ग्राम जड़े लेकर अच्छे से कूट लेनी है इसके बाद इसमें 10 ग्राम मिश्री मिला ले व 400 मिलीग्राम पानी मिला लेना है उसके बाद इसे आग में पकाना है व जब इसका आठवां हिस्सा रह जाए तब आपको आंच बन कर देनी है और इसे ठंडा कर ले व बादमे रोगी को थोड़ा थोड़ा दिन पिलाते रहे इससे कुकुर और वात के कफ से होने वाली खांसी जल्दी ही ठीक हो जाती है.

अगर किसी को टीबी के कारण खांसी हो रही है तो उनके लिए भी अश्वगंधा बहुत ही फायदेमंद होता है व इसके लिए आपको अश्वगंधा के पत्तो का 40 गाढ़ा काढ़ा बना लेना ही और इसमें आप 20 ग्राम बहेड़े का चूर्ण और 10 ग्रांम कत्थे का चूर्ण और 5 ग्राम काली मिर्च और ढाई ग्राम  नमक मिला के और इसके बाद इन्हे अच्छे से मिला ले व बादमे इसकी 500 मिलीग्राम की गोलिया बना लेनी यही और इन गोलियों को खांसी से पीड़ित व्यक्ति को चूसने के लिए कहे इससे हर प्रकार की खांसी में लाभ मिलेगा.

छाती के दर्द में अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी को छाती से जुड़े दर्द की समस्या है तो उनके लिए अश्वगंधा काफी फायदेमंद हो सकती है सीने से जुड़े दर्द से पीड़ित व्यक्ति को अश्वगंधा की जड़ का 2 ग्राम चूर्ण पानी के साथ सेवन करना चाहिए इससे छाती से जुड़े दर्द में लाभ मिलेगा.

पेट से जुड़े समस्या में अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी को पेट से जुडी समस्या है तो ऐसे में आपको अश्वगंधा के चूर्ण  और बहेड़े के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिला लेना है इसके बाद आप इसका 2 से 3 ग्राम गुड़ के साथ सेवन करें इससे पेट के कीड़े ख़त्म हो जाते है और अश्वगंधा के चूर्ण में बराबर मात्रा में गिलोय के चूर्ण को मिलकर उसका 5 से 10 ग्राम शहद के साथ सेवन करने से पेट से जुड़े रोगो में लाभ मिलता है.

कब्ज से जुडी समस्या में अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी व्यक्ति को कब्ज की समस्या है तो उसे अश्वगंधा का 2 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सेवन करना चाहिए इससे कब्ज से जुडी समस्या से छुटकारा मिलेगा.

ल्यूकोरिया से जुडी समस्या में अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी भी महिला को ल्यूकोरिया से जुडी समस्या है तो उन्हें अश्वगंधा की जड़ो का 2 से 4 ग्राम चूर्ण बना लेना है इसके बाद आप इसे मिश्री में मिला ले और इसका सुबह और शाम को गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे ल्यूकोरिया से जुडी समस्या में लाभ मिलेगा और इसके साथ ही आप अश्वगंधा और तिल और उड़द व गुड़ और घी को बराबर मात्रा मे लेकर इसके लड्डू बनाकर सेवन कर इससे भी ल्यूकोरिया में लाभ मिलता है.

इन्द्रिय दुर्बलता के लिए अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी व्यक्ति को इन्द्रिय दुर्बलता है तो इसके लिए अश्वगंधा रामबाण इलाज साबित होता है व ऐसे में अश्वगंधा के चूर्ण को कपडे में छान लेना है इसके बाद आपको उतनी ही मात्रा में उसमे शक़्कर मिला लेनी है और उसमे एक चम्मच गाय का ताजा दूध मिला लेना है इसके बाद आप भोजन से तीन घंटे पूर्व इसका सेवन करे इससे इन्द्रिय दुर्बलता वाले व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है.

गठिया में अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी को गठिया से सम्बंधित समस्या है तो उनके लिए भी अश्वगंधा बहुत ही फ़ायदेमदं होती है इसके लिए 2 ग्राम अश्वगंधा पावडर को गर्म दूध या पानी या गाय के घी के साथ सेवन करने से गठिया रोगी को विशेष लाभ मिलेगा और इससे कमर दर्द और नींद न  आने की समस्या भी दूर होती है.

इसी के साथ अश्वगंधा के 30 ग्राम ताजे पत्ते लेने है उसे आप 250 मिलीग्राम पानी में अच्छे से उबाल ले और जब पानी आधा रह  जाये तो इसे एक सप्ताह तक सेवन करे या आप चाहे तो इसका लेप भी कर  सकते है इससे गठिया और कप के रोगी को विशेष लाभ मिलता है.

चोट लगने पर अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो ऐसे में अश्वगंधा के पावडर को गुड़ अथवा घी के साथ मिला लेना है व इसके बाद आप इसका दूध के साथ सेवन करे इससे चोट से पीड़ित व्यक्ति को लाभ मिलेगा और दर्द से भी राहत मिलती है.

त्वचा रोग के अश्वगंधा का उपयोग

अगर किसी भी व्यक्ति को त्वचा से जुडी समस्या है तो उन्हें अश्वगंधा के पत्तो का पेस्ट तैयार कर लेना है इसके बाद त्वचा को इस लेप से धोये इससे  त्वचा से जुडी समस्या से निजात मिलती है.

 अश्वगंधा के नुकसान

अशवगंधा के वैसे तो कोई गंभीर नुक्सान नहीं है पर यह बहुत ही गर्म होता है व शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है इसलिए इसका इस्तमाल सिमित मात्रा में करना अच्छा रहता है वही इसका इस्तमाल हमेशा किसी विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करे ताकि आपको बादमे इससे जुडी किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े.

Calculation – इस आर्टिकल में हमने आपको Ashwagandha Benefits in Hindi के बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है की आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी उपयोगी लगी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें और इससे जुड़ा किसी भी प्रकार का सवाल पूछना चाहे तो आप हमे कमेंट आदि के माध्यम से बता सकते है.

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